Jharkhand JPSC Protest: झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों का आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लगातार 6 दिन धरने पर बैठे हैं। 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर जैसी भूख हड़ताल सोमवार 3 अगस्त को भी स्टेडियम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे। हाथों में बैनर और पोस्टर लिए छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन की गूंज अब राज्यभर में सुनाई देने लगी है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने जंतर-मंतर की तर्ज पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं, CJP ने भी इस छात्र आंदोलन को समर्थन दिया है। OMR शीट विवाद से भड़का गुस्सा अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। विवाद तब बढ़ा जब 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद एक अभ्यर्थी की OMR शीट सामने आई। छात्रों का दावा है कि यह मामला परीक्षा प्रणाली में गंभीर सवाल खड़े करता है। छात्रों ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक, अव्यवस्था और पारदर्शिता की कमी ने हजारों उम्मीदवारों की उम्मीदों को प्रभावित किया है। छोटे प्रदर्शन से शुरू हुआ आंदोलन रांची के बापू वाटिका से शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे बड़े छात्र आंदोलन में बदल गया। 29 जुलाई को आयोजकों ने ‘महा आंदोलन’ और संविधान मार्च का आह्वान किया, जिसके बाद राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्र राजधानी पहुंचने लगे। आंदोलन के दौरान रविवार को छात्रों ने मशाल जुलूस भी निकाला। स्टेडियम में बैठे कई युवाओं की कहानियां इस संघर्ष की गंभीरता दिखाती हैं। कोई उम्र सीमा पार होने की चिंता में है तो कोई वर्षों की तैयारी के बाद भी नौकरी नहीं मिलने से परेशान है। सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज विवाद के बीच झारखंड सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। JPSC चेयरमैन एल. खियांग्ते के इस्तीफे के बाद झारखंड CID ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को CID ने राज्य के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा, रामगढ़, हजारीबाग और पलामू समेत कई जगहों पर जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कोचिंग संस्थानों और संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई। इससे पहले CID ने JPSC और परीक्षा एजेंसी TDPL के कार्यालयों से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी जब्त किए थे। युवाओं का भविष्य दांव पर अब तक परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से भी पूछताछ की जा चुकी है और उन्हें दोबारा बुलाया गया है। रांची का यह आंदोलन अब सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं रह गया है, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती व्यवस्था में भरोसे का सवाल बन चुका है। छात्रों की मांग है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का अधिकार मिले। ये भी पढ़ें: CJP Protest: राज्यों को FIR खत्म करने की अनुमति, लेकिन संगीन अपराधों में नहीं मिलेगी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित किया पुराना आदेश